एक लड़की को देखा तो ऐसा लगा जैसे खिलता गुलाब जैसे शायर का ख्वाब जैसे उजली किरण जैसे वन में हिरन जैसे चांदनी रात जैसे नरमी की बात जैसे मंदिर में हो एक जलता दिया एक लड़की को देखा तो ऐसा लगा जैसे सुबहों का रूप जैसे सर्दी की धूप जैसे वीना की तान जैसे रंगों की जान जैसे बलखाये बेल जैसे लहरों का खेल जैसे खुशबू लिए आये ठंडी हवा ✨✨
Dear Readers,
Your love and encouragement mean the world to me! I’ve enabled fan support on Scrollstack for those who wish to appreciate my work in a tangible way. This is completely optional—your presence as a reader is already a gift. Thank you for being a part of my journey!
Write a comment ...